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जम्मू कश्मीर श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में बुधवार को असम के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मानवाधिकार कार्यकर्ता और समाज सुधारक डॉ. दिव्यज्योति सैकिया को प्रतिष्ठित डुगरा दा सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जम्मू-कश्मीर के डोगरा शासनकाल के राजाओं, डोगरा साम्राज्य और वहां की संस्कृति की स्मृति में प्रदान किया जाता है।
पिछले कई दशकों से डॉ. दिव्यज्योति सैकिया अंधविश्वास, कुरीतियों और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ निरंतर काम कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण एवं ज्ञानवर्धक शिक्षा के प्रसार, प्रेरणादायक भाषणों और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वे युवाओं को नशे और अंधविश्वास से मुक्त होने का मार्ग दिखाते रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने हरित क्रांति के जरिए कृषि क्षेत्र में भी सराहनीय कदम उठाए हैं और एक मार्गदर्शक के रूप में नई पीढ़ी को प्रेरित किया है। विशेष रूप से देश, मानवता और शांति के लिए दी गई उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें इस पुरस्कार से नवाजा गया है।
विशेष बात यह है कि डॉ. सैकिया के साथ जम्मू-कश्मीर की तीन पद्मश्री से सम्मानित हस्तियों को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 97 वर्षीय वरिष्ठ साहित्यकार, विचारक और राजनेता डॉ. कर्ण सिंह के अचानक अस्वस्थ होने के कारण जम्मू-कश्मीर के वर्तमान राज्यसभा सांसद अली मोहम्मद खताना और ओमान के पूर्व सांसद व इंजीनियर अहमद अल हदाबी ने डॉ. सैकिया को यह सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें स्मृति चिह्न, शॉल और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
होटल ताज विवांता में आयोजित इस सम्मान समारोह का आयोजन डोगरा राजपरिवार और जम्मू के प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से ग्लोबल ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट द्वारा किया गया था। उल्लेखनीय है कि असम के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार कार्यकर्ता, समाजसेवी व प्रेरणादायक वक्ता डॉ. दिव्यज्योति सैकिया इससे पहले भी 180 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर असम का नाम रोशन कर चुके हैं।
पिछले कई दशकों से डॉ. दिव्यज्योति सैकिया अंधविश्वास, कुरीतियों और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ निरंतर काम कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण एवं ज्ञानवर्धक शिक्षा के प्रसार, प्रेरणादायक भाषणों और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वे युवाओं को नशे और अंधविश्वास से मुक्त होने का मार्ग दिखाते रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने हरित क्रांति के जरिए कृषि क्षेत्र में भी सराहनीय कदम उठाए हैं और एक मार्गदर्शक के रूप में नई पीढ़ी को प्रेरित किया है। विशेष रूप से देश, मानवता और शांति के लिए दी गई उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें इस पुरस्कार से नवाजा गया है।
विशेष बात यह है कि डॉ. सैकिया के साथ जम्मू-कश्मीर की तीन पद्मश्री से सम्मानित हस्तियों को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 97 वर्षीय वरिष्ठ साहित्यकार, विचारक और राजनेता डॉ. कर्ण सिंह के अचानक अस्वस्थ होने के कारण जम्मू-कश्मीर के वर्तमान राज्यसभा सांसद अली मोहम्मद खताना और ओमान के पूर्व सांसद व इंजीनियर अहमद अल हदाबी ने डॉ. सैकिया को यह सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें स्मृति चिह्न, शॉल और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
होटल ताज विवांता में आयोजित इस सम्मान समारोह का आयोजन डोगरा राजपरिवार और जम्मू के प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से ग्लोबल ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट द्वारा किया गया था। उल्लेखनीय है कि असम के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार कार्यकर्ता, समाजसेवी व प्रेरणादायक वक्ता डॉ. दिव्यज्योति सैकिया इससे पहले भी 180 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर असम का नाम रोशन कर चुके हैं।