अगरतला को ज़ीरो-शिकायत शहर बनाने की पहल : मुख्यमंत्री

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त्रिपुरा, अगरतला : त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला को जीरो-शिकायत क्षेत्र बनाने के उद्देश्य से नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए एक व्हाट्सएप-आधारित शिकायत रिपोर्टिंग प्रणाली और एआई-आधारित प्रतिक्रिया तंत्र का शुभारंभ किया है। अगरतला के रवींद्र भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस नई सेवा की शुरुआत की। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने अगरतला नगर निगम के वार्ड नंबर 24 स्थित कॉलेजटीला में दो पेयजल परियोजनाओं की वर्चुअल आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं में 6.81 मिलियन लीटर क्षमता का सर्फेस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 680 किलोलीटर क्षमता की ओवरहेड पानी की टंकी शामिल है, जिनकी कुल लागत 18.17 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री त्वरित प्रतिक्रिया टीम के लिए 2.78 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए आधुनिक सुविधाओं से लैस 10 वाहनों और ट्रक-माउंटेड वाटर टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नागरिक-अनुकूल शहरी वातावरण के निर्माण के लिए सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य है और सरकार हर वार्ड में स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा में पहली बार शुरू की जा रही यह एआई-आधारित प्रणाली नगर निगम के चारों ज़ोन के निवासियों की शिकायतों का तेज़ी से निवारण करेगी। राज्य सरकार के ‘अमर सरकार’ पोर्टल का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह नया माध्यम लोगों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने का एक और आसान विकल्प देगा। मुख्यमंत्री ने सड़कों और पाइपलाइनों के काम से हो रही अस्थायी असुविधा के जल्द खत्म होने का आश्वासन दिया और साथ ही आरोप लगाया कि पिछली सरकार के 25 वर्षों के शासन में पेयजल बुनियादी ढांचे का नवीनीकरण न होने के कारण जनता को लंबे समय तक परेशान होना पड़ा।
 
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